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Wednesday, 6 July 2022

जिला बदर समाजसेवी पूर्व प्रधान को सांसत से मिली राहत

जौनपुर। अपराध पुलिस की अवैध कमाई का नायाब जरिया बन चुका है जिस कारण पुलिस अपना नजरिया बदल कर किसी भी बेबस, लाचार ,शरीफ ,इज्जतदार की इज्ज़त आबरू को तारतार करने या वकील अथवा पत्रकार का शिकार करने में तनिक भी परहेज नहीं करती इसी कारण जनपद में अपराध और भ्रष्टाचार का अद्भुत संगम देखने को मिला जब एक पूर्व ग्राम प्रधान को पट्टीदारी के विवाद में भू और वन माफियाओं की सांठगांठ से गुंडा एक्ट का आरोपी बनाकर जिला बदर कर दिया गया। पीड़ित बेबस लाचार पूर्व प्रधान ने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाया।विद्वान अपर जिला मजिस्ट्रेट ने अपने जिला बदर के आदेश को वापस लेते हुए समाजसेवी पूर्व प्रधान को राहत प्रदान किया। 

             सूत्रों के अनुसार रतन सिंह चौहान पुत्र स्वर्गीय शोभा चैहान निवासी मंडवीवर उर्फ पचहटिया थाना लाइन बाजार समाजसेवी रूप में अपनी अलग पहचान बनाते हुए ग्राम प्रधान की पदवी पर 5 साल का कार्यकाल कुशलतापूर्वक पूरा कर चुके हैं। समाजसेवी होने के नाते रामघाट पर अंत्येष्टि क्रिया के लिए आए परिजनों को लूट खसोट से मुक्ति दिलाने की योजना बनाई और कारगर होते हुए वहां प्रशासन द्वारा मूल्य निर्धारित बोर्ड लगाया गया । पुलिस ने अपनी भ्रष्टाचारी कमाई में रोड़ा बनता देखा तो समाधान योजना के तहत हिकमत अमली अपनाया और समाजसेवी को समाज के सामने अपराधी का स्वांग रचते हुए जिला बदर कर दिखाया।

        रस्सी को सांप ही नहीं अजगर तथा भैंस को हाथी बनाने की आदी, बेकसूर को उग्रवादी पुलिस ने जमीनी विवाद में पूर्व ग्राम प्रधान रतन सिंह चौहान के ऊपर मुकदमा अपराध संख्या 192 / 18 धारा अंतर्गत 323, 504, 506 तथा मुकदमा अपराध संख्या 232 /20 धारा अंतर्गत 147,148, 323, 504 ,506, 427 पुलिसिया साठगांठ से दर्ज किया गया। तत्पश्चात बीट सूचना के अंतर्गत दिनांक 11 जनवरी  13 जनवरी  तथा 15 जनवरी 21 को लगातार तीन बार समाजसेवी पर पुलिसिया आरोपों की अपराधिक बौछार की गई। पुलिस द्वारा पेश किए गए प्रपत्र में बताया गया कि रतन सिंह चौहान अपराधिक प्रवृत्ति का गुंडा है तथा अपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहता है। इसके डर और भय से जनता का कोई भी व्यक्ति थाने पर इतला करने व न्यायालय में गवाही देने का साहस नहीं कर पाता है। समाज में इसकी छवि एक अपराधिक प्रवृति के गुंडा की है इसका स्वतंत्र रूप से विचरण करना जनहित में अहितकारी है। इत्यादि स्लोगन के आधार पर  शरीफ इज्जतदार पूर्व ग्राम प्रधान को पुलिस ने फिर अपराधी घोषित कर दिया।

           आरोप के अनुसार मनमानी कमाई पर एकछत्र राज स्थापित करते चले आ रहे आरा मशीन संचालक पाटीदार और उसके  भूमाफिया पुत्र ने अपनी मनगढ़ंत कमाई में रोड़ा बनता देख पुलिसिया सांठगांठ से एक बेकसूर समाजसेवी को गुंडा एक्ट का आरोपी बनाकर जिला बदर करवा दिया । जिसके बाबत पीड़ित पूर्व प्रधान ने जिलाधिकारी से 26 जून 2022 को प्रार्थना पत्र के माध्यम से न्याय की गुहार लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग किया ।तत्पश्चात विद्वान अपर जिला मजिस्ट्रेट भू एवं राजस्व रजनीश राय ने अपने जिला बदर के आदेश दिनांक 27 /05 /2022 को वापस लेते हुए समाजसेवी पूर्व प्रधान को राहत प्रदान किया।

 

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