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Friday, 23 January 2026

फर्जी पुलिस की दहशत से युवती की हालत बेहद गंभीर

 जौनपुर में सुरेरी पुलिस क्यों बनी मूकदर्शक? उठ रहे गंभीर सवाल

जौनपुर।  थाना सुरेरी क्षेत्र से कानून व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। 20 जनवरी 2026 को ग्राम कोचारी में एक युवक ने पुलिस की फर्जी वर्दी की आड़ में दो बेसहारा महिलाओं पर ऐसा कहर बरपाया कि पूरा गांव दहशत में है।

       कोचारी निवासी जिलाजीत गौतम पुत्र राधेश्याम गौतम ने आरोप लगाया है कि गांव का ही रहने वाला इंद्रजीत उर्फ गौरव गौतम—जो खुद को पुलिसकर्मी बताकर रौब झाड़ता है—ने उनकी पुत्री दीपू कुमारी और उनकी विकलांग बहन मीना पत्नी राधेश्याम को घर में अकेला पाकर ईंट-पत्थर, डंडों और लात-मुक्कों से जानलेवा हमला कर दिया।

         आरोप है कि अभियुक्त ने दोनों महिलाओं को जमीन पर पटक-पटक कर इतनी बेरहमी से पीटा कि दीपू कुमारी के सिर में ईंट लगने से वह मौके पर ही बेहोश हो गई। सीने समेत शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं, जिससे दोनों की हालत नाजुक हो गई। परिवार का आरोप है कि यह हमला सीधे-सीधे हत्या की नीयत से किया गया।

स्थिति बिगड़ने पर पहले पीड़िताओं को पीएचसी रामपुर ले जाया गया, जहां से 108 एंबुलेंस द्वारा सदर अस्पताल जौनपुर रेफर किया गया। बताया जा रहा है कि रात करीब 2 बजे तक दीपू कुमारी बेहोशी की हालत में भर्ती रही, और अब भी हालत में कोई खास सुधार नहीं है।

थाने में इंसाफ की जगह गालियां?

सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि जब पीड़ित परिवार थाना सुरेरी पहुंचा, तो मदद के बजाय उन्हें कथित तौर पर गाली-गलौज कर भगा दिया गया।

मजबूर होकर पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक जौनपुर से गुहार लगाई, तब जाकर सुरेरी पुलिस ने केवल दिखावटी कार्रवाई करते हुए अभियुक्त का चालान कर दिया।

परिवार का कहना है कि यह कार्रवाई न्याय नहीं, बल्कि लीपापोती है।

फर्जी पुलिस बनकर खुलेआम घूमता आरोपी, पुलिस क्यों मौन?

ग्रामीणों का आरोप है कि इंद्रजीत उर्फ गौरव पुलिस की वर्दी पहनकर खुलेआम घूमता है, लोगों को धमकाता है और अपने चार पहिया वाहन पर “POLICE” लिखवाकर क्षेत्र में दबदबा बनाता है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुलिस की नजरें अब तक उस पर क्यों नहीं पड़ीं?

आरोप यह भी है कि यह युवक लगातार विवादों में घिरा रहता है, उसकी शिकायतें पहले भी कई बार दी जा चुकी हैं, फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

क्या पुलिस-अभियुक्त की मिलीभगत है?

अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि—

क्या सुरेरी पुलिस अभियुक्त को संरक्षण दे रही है?

क्या फर्जी वर्दी पहनकर कानून को चुनौती देना अब अपराध नहीं रहा?

क्या दो महिलाओं की जान की कीमत सिर्फ एक चालान है?

इधर दीपू कुमारी की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। अस्पताल में परिजन बिलख-बिलख कर रो रहे हैं, और पूरे गांव में गुस्सा व डर का माहौल है।

“अभियुक्त इंद्रजीत उर्फ गौरव गौतम अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स (इंस्टाग्राम व व्हाट्सएप) की प्रोफाइल व स्टेटस पर थाना सुरेरी के कुछ पुलिसकर्मियों की तस्वीरें लगाकर लोगों में धौंस जमाता है, जिसका प्रमाण स्क्रीनशॉट के रूप में वायरल हो रहा है।”

यह मामला अब सिर्फ एक हमले का नहीं, बल्कि पुलिस की भूमिका, निष्पक्षता और जवाबदेही पर बड़ा सवाल बन चुका है।

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