जौनपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस की 129वीं जयंती के अवसर पर काकोरी-ऐक्शन शताब्दी वर्ष आयोजन समिति जौनपुर की ओर से बाईक जुलूस व जन सभा का आयोजन किया गया। जुलूस की शुरुआत सिंगरामऊ से की गई, जो कुशहां, बटाऊबीर, बदलापुर, कलिंजरा होते हुए तेजीबाजार तक गया। दूसरा बाइक जुलूस सराय पड़री से शुरु करके गद्दोपुर, महराजगंज, लोहिंदा होते हुए तेजीबाजार तक गया। दोनों बाइक जूलूसों के पहुंचने के बाद तेजीबाजार मेंनेताजी सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा के समक्ष जन सभा हुई। जिसमें काफी संख्या में छात्र नौजवानों ने भाग लिया। जन सभा शुरु होने के पहले नेताजी सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा पर सैकड़ों लोगों ने माल्यार्पण किए।
इस अवसर पर राष्ट्रवादी नौजवान सभा के पदाधिकारी व कार्यकर्तागण भी मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि आजादी आंदोलन में नेताजी सुभाषचंद्र बोस का जीवन कठिन संघर्षों से भरा रहा। वे बचपन में अपने घर के पास रास्ते में रोजाना एक बूढ़ी मां को भीख मांगते देखकर द्रवित जाते और अपने स्कूल का टिफिन प्रतिदिन दे देते और सोचा करते कि कब हमारे समाज से इस तरह की गैर बराबरी खत्म होगी। कहा कि महंगाई चरम पर है। शिक्षा व रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं हैं। समाज में नैतिक पतन व गुण्डागर्दी व्याप्त है। साम्प्रदायिकता व धार्मिक उन्माद बढ़ रहा है। लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हो रहा है।
इस तरह शोषण व अन्याय पर आधारित व्यवस्था कायम है और चंद पूंजीपति देश के मालिक बन बैठे हैं। परिणामस्वरुप आम जनता त्राहि त्राहि कर रही है। इसलिए आज समय की मांग है कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस के जीवन संघर्षों से सीख लेकर उनके क्रांतिकारी विचारों के आधार पर लोगों को संगठित करें और जन समस्याओं के खिलाफ संघर्ष तेज करें। कृष्णा सिंह, नवीन सिंह, दिलीप कुमार खरवार, देवव्रत निषाद, प्रमेन्द्र सिंह कुंवर आजाद सिंह ने सम्बोधित किए। अंजली सरोज, जिमी गुप्ता ने क्रांतिकारी व देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए।

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