जौनपुर। भ्रष्टाचार की खातिर गरीब ,बेबस, लाचार, मजदूर, मजबूर का सुखचैन और मुर्दों के अमन चैन का गबन करने की आदी हो चुकी पुलिस की कार्यशैली के विपरीत जलालपुर थाने पर तैनात महिला पुलिस ने ऐसा कार्य किया है जिसकी पूरा क्षेत्र में सराहना की जा रही है। एक बार फिर यह सिद्ध हो गया कि खाकी के अंदर भी नेक दिल धड़कता है। जलालपुर थाने पर तैनात एक महिला पुलिस ने मानवता दिखाते हुए एक गरीब महिला फरियादी की मदद किया ।
महिला पुलिस की इस दरियादिली का पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। थाने पर आयी नेवादा गांव की एक गरीब महिला जिसे उसके दबंग पड़ोसियों ने सरकारी हैंड पंप से पानी लेने पर मारापीटा था। मुकदमा लिखने से पूर्व महिला को थाने से करीब 6 किलोमीटर दूर डॉक्टरी मुआयना के लिए अस्पताल जाना था। अस्पताल जाने के लिए महिला के पास किराए तक नहीं था और वह घर से भी पैदल थाने पर आई थी। वह फूट-फूटकर थाने पर अपनी विवशता को देखकर रोने लगी कि अब क्या होगा वह कैसे अस्पताल पहुंचेगी। तभी थाने पर तैनात महिला कांस्टेबल निधि सिंह उसके सहयोग में आई और बोली कि पैसा नहीं है तो क्या हुआ मैं आपके साथ चल रही हूं। महिला कांस्टेबल ने गरीब महिला को अस्पताल आने- जाने का किराया अपने पास से दिया और पानी पिलाया तथा महिला का उत्साहवर्धन कर न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। दरअसल नेवादा गांव निवासी रंजना उपाध्याय की माली हालत ठीक नहीं है वह एक प्राइवेट विद्यालय में नौकरी करके किसी तरह अपने परिवार के लिए राशन तो जुटा लेती है परंतु वह पेयजल की समस्या से जूझ रही है। घर के पास लगे एक सरकारी हैंडपंप से वह पानी ले रही थी। दबंग पड़ोसी उसे हैंड पंप से पानी भरने से मना कर दिए और हैंडपंप के हैंडल को रस्सी से बांध दिया। जब वह रस्सी खोल कर पानी भरने लगी तो दबंग पड़ोसियों ने मिलकर उसकी जमकर पिटाई कर दी।

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