जौनपुर। जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्रीमती वाणी रंजन अग्रवाल के संरक्षण में 13 अगस्त को प्रस्तावित राष्ट्रीय लोक अदालत में परिवार न्यायालयों में लम्बित अधिकतम वादों के निस्तारण के सम्बन्ध में विचार-विमर्श हेतु सचिव पूर्णकालिक, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विवेक विक्रम के संयोजन एवं प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, श्रीमती रीता कौशिक की अध्यक्षता में उनके विश्राम कक्ष में को तृतीय प्री-ट्रायल बैठक आहूत की गयी।
बैठक में प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, श्रीमती रीता कौशिक द्वारा समस्त अपर प्रधान न्यायाधीश को आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिकतम मामलों के निस्तारण हेतु वादों को चिन्हित करने एवं पक्षकारों को समन/नोटिस प्रेषित कर लोक अदालत में वादों के निस्तारण के लाभों को बताते हुए पक्षकारों को प्रेरित किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विवेक विक्रम द्वारा लोक अदालत के मामलों के निस्तारण से होने वाले लाभ जैसे-निस्तारण हेतु किसी प्रकार का न्याय शुल्क देय नहीं होना, राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारण कर लम्बित मामलों मे न्याय शुल्क की वापसी की व्यवस्था, लोक अदालत के निर्णय के विरूद्ध कोई अपील नहीं होना बताकर लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों को निस्तारण करवाकर लोक अदालत को सफल बनाये जाने की अपील की गयी। अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय तृतीय कुलदीप कुमार एवं सचिव पूर्णकालिक, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, विवेक विक्रम व परिवार न्यायालय के कांउसलर भी उपस्थित रहे।
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