खुलासा सवालों के घेरे में
जौनपुर। मछलीशहर थाना अंतर्गत कबीरपंथी आश्रम के पुजारी पर जानलेवा हमला करने के प्रकरण को लेकर जहां पुलिस की हिकमत अमली और मुखबीर सूत्र पूरी तरीके से नाकाम रहा वहीं दो आरोपियों को गिरफ्तारी संग फावड़ा बरामदगी कर पुलिस ने अपनी पीठ थपथपा लिया। पुजारी ध्यानदास उर्फ राजपाल सिंह पर जानलेवा हमला करने वाले अभियुक्त सुबाष गौतम पुत्र पुद्दन गौतम निवासी गोहदा थाना सिकरारा व. शिवराज सिंह उर्फ पिन्कू पुत्र फुलसिंह निवासी रसधान थाना सिकन्दरा जनपद कानपुर देहात को आरोपी बनाने के साथ-साथ पुलिस ने दोनों अभियुक्तों के ऊपर पूर्व में भी 2 वर्ष तक कब्जा करने की बात बता कर खुद महकमे को शर्मसार कर दिया। अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या बनाए गए आरोपियों के संगठित अपराध में पुलिस की यारी और बराबर की हिस्सेदारी थी अथवा किस कारण उन्हें भू माफिया के तहत अथवा अन्य धाराओं में मुकदमा पंजीकृत ना करके दोबारा अपराध करने का अवसर प्रदान किया गया। इसके साथ-साथ पुलिस के पास बनाए गए आरोपियों के ऊपर कोई अन्य अपराधिक मुकदमा पंजीकृत न होना चर्चाओं के बाजार को जोर शोर से गर्म करता नजर आ रहा है।

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