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Monday, 11 July 2022

पुजारी हमले में दो गिरफ्तार,खुलासा सवालों के घेरे में

जौनपुर। जिले के मछलीशहर थाने की पुलिस ने कबीर पंथी आश्रम के पुजारी पर जानलेवा हमला करने वाले दो अभियुक्तों गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त फावड़ा बरामद किया है। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि थाने के उपनिरीक्षक अखिलेश कुमार यादव ने सहयोगियों के साथ आठ जुलाई की  रात्रि सदगुरू कबीर आश्रम ग्राम रामपुर कटाहित पर पुजारी ध्यानदास उर्फ राजपाल सिंह पर जानलेवा हमला करने वाले अभियुक्त सुबाष गौतम पुत्र पुद्दन गौतम निवासी गोहदा थाना सिकरारा व. शिवराज सिंह उर्फ पिन्कू पुत्र फुलसिंह निवासी रसधान थाना सिकन्दरा जनपद कानपुर देहात को ग्राम वारी पशु चिकित्सालय के पास से सोमवार को सवेरे गिरफ्तार किया गया। विवेचना से अभियुक्तों  का नाम प्रकाश में आया तथा पता चला कि आश्रम की सम्पत्ति के उपभोग को लेकर अभियुक्तों द्वारा साजिश के तहत यह घटना कारित की गयी है, इसके पूर्व भी इनके द्वारा आश्रम पर करीब दो वर्ष तक कब्जा किया गया था । अभियुक्त सुबाष गौतम की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त फावड़ा घटनास्थल के पास से बरामद कराया गया। 

 खुलासा सवालों के घेरे में

जौनपुर। मछलीशहर थाना अंतर्गत कबीरपंथी आश्रम के पुजारी पर जानलेवा हमला करने के प्रकरण को लेकर जहां पुलिस की हिकमत अमली और मुखबीर सूत्र पूरी तरीके से नाकाम रहा वहीं दो आरोपियों को गिरफ्तारी संग फावड़ा बरामदगी कर पुलिस ने अपनी पीठ थपथपा लिया। पुजारी ध्यानदास उर्फ राजपाल सिंह पर जानलेवा हमला करने वाले अभियुक्त सुबाष गौतम पुत्र पुद्दन गौतम निवासी गोहदा थाना सिकरारा व. शिवराज सिंह उर्फ पिन्कू पुत्र फुलसिंह निवासी रसधान थाना सिकन्दरा जनपद कानपुर देहात को आरोपी बनाने के साथ-साथ पुलिस ने दोनों अभियुक्तों के ऊपर पूर्व में भी 2 वर्ष तक कब्जा करने की बात बता कर खुद महकमे को शर्मसार कर दिया। अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या बनाए गए आरोपियों के संगठित अपराध में पुलिस की यारी और बराबर की हिस्सेदारी थी अथवा किस कारण उन्हें भू माफिया के तहत अथवा अन्य धाराओं में मुकदमा पंजीकृत ना करके दोबारा अपराध करने का अवसर प्रदान किया गया। इसके साथ-साथ पुलिस के पास बनाए गए आरोपियों के ऊपर कोई अन्य अपराधिक मुकदमा पंजीकृत न होना चर्चाओं के बाजार को जोर शोर से गर्म करता नजर आ रहा है।


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