जौनपुर। मछलीशहर कोतवाली के कस्बा स्थिते कजियाना मोहल्ला में मजदूर तब दग रह गये जब जमीन खोदाई के दौरान एक तांबे के लोटे में सोने के सिक्के मिले। इस बात की भनक किसी को नहीं लगने दी। किसी तरह इसकी जानकारी के बाद पुलिस ने कुछ सिक्कों को कब्जे में ले लिया है। सभी सिक्के अंग्रेजी हुकूमत के समय के हैं। मजदूरों से पूछताछ जारी है। कुछ मजदूर फरार हैं। मछलीशहर पुरानी बाजार की मलका राइन की बेटी कजियाना मोहल्ले में रहती है।
मकान के पीछे शौचालय निर्माण के लिए गड्ढे की खोदाई गत दिनों हो रही थी। राजाबाबू और उसके पांच साथी काम कर रहे थे। करीब ढाई फीट भूमि खोदने के बाद एक बर्तन खनखना उठा। देखा तो वो तांबे को लोटा था। खोलने पर उसमें सोने के सिक्के दिखे। पहले तो भूत प्रेत के डर से उसे फेंक दिया, मगर फिर मजदूरों का मन बदला और जेब में सिक्के भरकर चले गए।
इस बात की भनक उन्होंने किसी को भी नहीं लगने दी। अगले दिन फिर से वे मौके पर पहुंचे और गड्ढे की खोदाई में जुट गए। मलका राइन के बेटे को किसी मजदूर ने सोने के सिक्के मिलने वाली बात बता दी। इसके बाद वह काम कर रहे मजदूरों से सिक्का मांगने लगा तो उसे एक सिक्का दिया गया। शाम होते-होते घटना की जानकारी पुलिस तक पहुंची। मजदूरों ने पहले तो ऐसी किसी घटना से इनकार किया मगर पुलिस ने सख्ती बरती तो उन्होंने सोने के सिक्के मिलने की बात स्वीकार की।
मजदूरों ने पुलिस को सोने के 9 सिक्के दिए। इस कुल 10 सिक्के पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। तांबे के लोटे में कितने सिक्के थे ये अभी तक साफ नहीं है। पुलिस मजदूरों से पूछताछ कर रही है। प्रभारी निरीक्षक देवानंद रजक ने कहा कि मैं मौके पर गया था। मजदूरों से संपर्क किया गया तो कुल 10 सिक्के मिले। सभी सिक्कों को सरकारी खजाने में जमा कर दिया गया है। मजदूरों से पूछताछ जारी है।

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