जौनपुर। शाहगंज बहुचर्चित जीआपी सिपाही हत्याकांड में पूर्व सांसद उमाकांत यादव सहित 7 लोग दोषी पाए गए जिन्हें 8 अगस्त को सज़ा सुनाई जाएगी। 4 फरवरी 1995 को शाहगंज रेलवे स्टेशन गोलियों की तड़तड़ाहट से थर्रा उठा था ।
इस गोलीबारी में शाहगंज जीआरपी चौकी का सिपाही अजय सिंह मौत का शिकार हुआ , दूसरा सिपाही ललन सिंह, रेलवे कर्मचारी निर्मल वडर्सन और यात्री भरत लाल जख्मी हो गए थे। इस खूनी वारदात का इल्जाम पूर्व सांसद उमाकांत यादव समेत अन्य 7 लोगों पर लगा । तकरीबन 27 वर्ष बाद इस हत्याकांड प्रकरण मे शनिवार को न्यायालय ने सभी आरोपियों को दोषी पाया ।
सीबीसीआईडी के अभियोजन अधिकारी मृत्युंज सिंह ने बताया कि इस मुकदमे में क्रमबद्ध तरीके से कुल 19 लोगो ने गवाही दिया है । आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयोग की कार्बाइन समेत अन्य हथियार बरामद हुआ था कोर्ट ने आज सभी को इस मर्डर केश में दोषी पाया है जिसकी सजा 8 अगस्त को सुनाई जाएगी ।मुकदमे की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल सिंह कप्तान, सहायक शासकीय अधिवक्ता लाल बहादुर पाल ने किया।

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