सूत्रों के अनुसार लगातार हिकमत अमली के बल पर लोगों का शिकार बनाने की आदी हो चुकी पुलिस आज बेखौफ होकर ना सिर्फ अपराध की पराकाष्ठा को लांघ रही है बल्कि वर्दी के गुरुर में चूर और लालफीताशाही के आगोश में मदहोश होकर अपनी हर पराकाष्ठा को आर पार बार-बार कर रही है।
गुरुवार के दिन आदर्श सहजनवा थाने में फरियादियों की फरियाद सुन रहे दरोगा रामप्रवेश सिंह तथा कोतवाल अंजुल चतुर्वेदी के बीच आपसी कहासुनी तू तू मैं मैं से शुरू होकर तुम तड़ाम और धड़ाम धड़ाम पर जा पहुंची। पीड़ित फरियादियों की सूझबूझ और धरपकड़ के कारण मामला नूरा कुश्ती और ठाय ठाय से वंचित होकर रह गया। चुनाव आयोग के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए लगातार वर्ष 2016 से 22 तक जनपद में एकछत्र राज स्थापित करते चले आए दरोगा रामप्रवेश सिंह लगातार चौथी बार सहजनवा थाना के प्रभारी बन बैठे।
जुगत जुगाड़ और सत्ता पक्ष में अपनी पकड़ और अकड़ रखने वाले हेकड़ दरोगा अपने थाना प्रभारी पर भारी होते नजर आए और मर्यादाओं की सीमा को लाघते हुए कोतवाल को दनादन 5 थप्पड़ जड़ते हुए धक्का मार कर जमीन पर गिरा दिया । मामला वर्दी से जुड़ा होने के कारण हिकमत अमली, मुखबीर सूत्र, जुगत जुगाड़ और घर उजाड़ तथा मुठभेड़ और बुलडोजर की नौबत नदारद नजर आई। मामला विभागीय जांच पर जा पहुंचा जहां दरोगा और कोतवाल दोनों को सस्पेंड कर दिया गया। तत्पश्चात खाखी की करतूत से आज आदर्श सहजनवा थाना सुर्खियों में धमाल मचा रहा है। जिस कारण से चर्चाओं का बाजार चहुंओर जोर शोर से गर्म हो रहा है।

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