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Thursday, 11 August 2022

थाली की बदहाली पर आंसू बहाता पुलिस का जवान

लखनऊ। फिरोजाबाद मुख्यालय पर तैनात उत्तर प्रदेश पुलिस के सिपाही ने रो-रोकर अपनी दास्तां बतायी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खबर तेजी से हुई सुर्खियों में शुमार जिस कारण जनमानस सदके में तथा पुलिस प्रक्रिया सवालों के घेरे में तथा नज़र आयी।

सूत्रों के अनुसार उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में एक तरफ जहां पुलिस कानून और शासन की निगाह में धूल झोंककर अपराध की सारथी बन खुलेआम अपराध का जयकारा लगवा रही है तथा बेकसूरों को हिकमत अमली के बल पर शिकार बना रही है। 

 विगत 10 वर्षों के कार्यकाल में संपूर्ण उत्तर प्रदेश में रंगे हाथ मौके वारदात पर अपराधियों को ना पकड़ पाने वाली पुलिस रात के अंधेरे में मुठभेड़ का कीर्तिमान बना रही है। जबरन जुल्म ना कबूल करने वालों को यमलोक की यात्रा करवा रही हैं। व्यापारी ,व्यवसायी, शरीफ और इज्जतदार को गुंडा और गैंगस्टर एक्ट का आरोपी बनाकर जिला बदर किया जा रहा हैं जबकि वही पुलिस के द्वारा अपराध पोशी के पेशेवर कारीगरों पर पुलिसिया हुनरमंद की चादर पोशी करके उन्हें शरीफ और इज्जतदार का सम्मान दिया जा रहा है। 

अपराध का शिकार हुए पीड़ित ,बेबस लाचार की तहरीर एक तरफ जहां धूल फांकती है वहीं दूसरी तरफ रूपयों के बल पर दर्ज हो रहे मुकदमों की चपेट में आकर शरीफ, इज्जतदार ,बेबस, लाचार ही नहीं वकील और पत्रकार जेल की शोभा बढ़ा रहे हैं। धनवान और बलवान विपक्षियों की खातिर अपराध को बढ़ावा देते हुए पुलिस एक तरफ जहां बेकसूरों को फर्जी और मनमर्जी मुकदमों में हलाल कर मालामाल हो रही है वहीं दूसरी तरफ मेहनतकश पुलिसकर्मी की चीख-पुकार और गुहार पेट भर आहार को लेकर हाहाकार और महकमे को शर्मसार कर रही हैं। 

सिपाही मनोज कुमार ने वीडियो के माध्यम से मेश में दिए जा रहे खाने के बाबत बताया कि यह खाना इंसान तो क्या जानवर भी नहीं खा सकते हैं । क्या यह खाना अधीक्षक या उनके परिवार के लोग खा सकते हैं इत्यादि के साथ-साथ पुलिस अधीक्षक से शिकायत करने पर निलंबन के धमकी की बात बतायी है।

 पुलिस सिस्टम पर एक बहुत बड़ा सवालिया निशान उठता नजर आता है। जनमानस में यह सर्वविदित है कि पुलिस विभाग में तैनात अधिकांश सिपाही खुद की स्कॉर्पियो और फॉर्च्यूनर में सवार होकर अपना जलवा और जज्बा कायम करते हुए स्वयं होटल और ढाबा संचालित करवा रहे हैं। भ्रष्टाचार की अकूत संपत्ति को ब्याज पर या फिर भूमि पर लगाकर मालामाल हो रहे हैं। 

अधिकांश पुलिसकर्मी विभागीय खाना छोड़ निशुल्क तौर पर दोनों वक्त का भोजन मांस और मदिरा के साथ सेवन करके अपना पाचन तंत्र और सेहत दुरुस्त करते नजर आ रहे हैं। ऐसे में पुलिस विभाग के द्वारा परोसी जा रही थाली की बदहाली पर आंसू बहाता हुआ पुलिस का जवान भ्रष्टाचार की अलग ही गाथा गाता नजर आ रहा है जो चिंता के साथ-साथ जांच का विषय है।

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