जौनपुर । भू माफिया पुलिस और
प्रशासन के हमजोली बनकर आज खुलेआम ना सिर्फ कानून के संग आंख मिचोली कर रहे हैं बल्कि माननीय और सम्माननीय की गोद में बैठकर लुलु पुलु कर रहे हैं । इसी कारण बेखौफ होकर भू माफिया आम जनमानस पर कहर बरपा रहे हैं। भू माफियाओं की जद में आकर अच्छे-अच्छे भी अब चीखते और चिल्लाते नजर आ रहे हैं।सबका साथ सबका विकाश सबको न्याय देने का वादा करने वाली सरकार में उनके ही लोगो को न्याय पाने के लिये आमरण अनशन करना पड़ रहा है।जहां प्रदेश की योगी सरकार भू माफियाओं के खिलाफ अभियान चला रही है तो वहीं दूसरी तरफ जौनपुर में भूमाफिया इस कदर हावी है कि सरकारी आदेश के बाद भी बाउंड्री वाल गिरा दिया। इस संबंध में पीड़ित सौरभ दिवेदी द्वारा जिलाधिकारी से मिलकर अपनी बात रखते हुए प्रार्धना पत्र देते हुआ कहा कि यदि उनके प्रकरण में कोई कार्रवाई नहीं होती तो वह आमरण अनशन पर कलेक्टर परिसर में बैठेगे।
इसी क्रम में जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देने के बाद भी कोई कार्यवाही न होने से क्षुब्ध पीड़ित कलेक्ट्रेट परिसर में बीते दो दिनों से आमरण अनशन पर बैठ गए है। अनसन के तीसरे दिन हालात बिगड़ती देख देर रात धरना स्थल पर पहुची मेडिकल बोर्ड की टीम ने उनका चिकित्सा परीक्षण किया। घटना को संज्ञान में लेते हुए उप जिलाधिकारी केराकत माज अख्तर व तहसीलदार ने मौके पर पहुँचकर पीड़ित हालचाल जाना।लेकिंग मामले के निस्तारण के संबंध में कोई वार्ता नहीं की आमरण अनशन के तीसरे दिन पीड़ित की हालत नाजुक होने के बाद भी जिला प्रशासन से कोई अधिकारी मौके पर पहुंच कर पीड़ित का हाल जानने का प्रयास नहीं किया ।
ऐसे में साफ जाहिर है सरकार की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन लोगों को न्याय दिलाने में अक्षम साबित हो रहा है जिसका जीता जाता उदाहरण कलेक्ट्रेट परिसर में ही बीते 3 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे सौरभ द्विवेदी हैं जो कि नरेंद्र मोदी विचार मंच के जिलाध्यक्ष भी हैं. सौरभ द्विवेदी का कहना है कि जिला प्रशासन द्वारा भू माफियाओं को संरक्षण दिया जा रहा है। हम अपने ही साथ साथ अन्य लोगों के लिए भी न्याय चाहते हैं।
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