विगत वर्षों से शहर की सड़कों को गड्ढों में तब्दील करके धमाल मचाती चली आ रही नमामि गंगे योजना सावन के पवित्र माह में राहगीर और क्षेत्रवासियों को कीचड़ युक्त गड्ढों में हर हर गंगे कराकर दिन के उजाले में ही तारे दिखा रही हैं। अद्भुत पद्धति से बन रही सड़कें कभी कारों को निगल रही हैं तो कभी रहस्यमई ढंग से मस्त होकर ध्वस्त होते हुए धरातल से रसातल की यात्रा करा रही हैं जिसकी चपेट में आकर अनगिनत जिंदगियां अपना हाथ पैर तोड़वा रही है। महंगाई की मार झेल रहे नगर वासियों को बेबसी और लाचारी में अनचाही यात्रा करा रही है,डीजल और पेट्रोल की खपत बढ़ा रही हैं। भ्रष्टाचार के आगोश में मस्त होकर नमामि गंगे योजना जहां धड़ाम और ध्वस्त हो रही है वहीं दूसरी तरफ अमृत योजना के पहले ही नगर वासियों को समस्याओं का विषपान करा रहे अनुभवी प्रोजेक्ट मैनेजर अभिनव का अनुभव तथा उनकी अपनी पहुंच और पकड़ तथा अकड़ आज किसी प्रतिभा की मोहताज नहीं नजर आ रही हैं।
Friday, 29 July 2022
बाहुबली से भी बली के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा मची खलबली
जौनपुर। अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद संतोष मिश्रा की तहरीर पर नमामि गंगे योजना के प्रोजेक्ट मैनेजर अभिनव शुक्ला के खिलाफ शहर कोतवाली में सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 3 और 5 तथा भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा अंतर्गत 427 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया।
क्षेत्रीय बाहुबली पूर्व सांसद के खिलाफ अपहरण की तहरीर देकर जेल भिजवाने वाले अभिनव का अनुभव आज सुर्खियों में छा रहा है। तहरीर को लेकर हौसला बुलंद दबंग पुलिस ने जहां बाहुबली को धर दबोचते हुए तनिक भी देर ना करके जेल भेज दिया वही आरोपों के अनुसार उनके लाइसेंस निरस्तीकरण तथा परिजनों और रिश्तेदारों के त्रस्ती करण की योजना नदारद नजर आयी। अंत में न्यायालय के समक्ष उपस्थित होते ही बली अभिनव के अनुभव ने दोबारा कठपुतली क्रिया क्रम का पराक्रम दिखाते हुए न्याय व्यवस्था और पुलिस पर सवालिया निशान लगाते हुए एक चुनौती भरा पैगाम पेश किया जहां अभिनव खुद दी गयी तहरीर से मुकर गए जिस कारण बाहुबली को राहत तथा झूठी सूचना के आरोप में जेल भिजवाने और न्याय व्यवस्था तथा पुलिस पर सवालिया निशान उठाने वाले अभिनव ने फिर कीर्तिमान स्थापित किया जिस कारण
एक तरफ झूठी सूचना के आरोप में उनके खिलाफ ना कोई कार्यवाही की गई तथा वहीं दूसरी तरफ बाहुबली के द्वारा मानहानि की प्रक्रिया से मुंह मोड़ लिया गया। ऐसे में जनपद के तेजतर्रार अपर जिलाधिकारी ने लिखित शिकायतों के मद्देनजर संज्ञान लेते हुए अभिनव के खिलाफ शहर कोतवाली में एफ आई आर दर्ज करवाया। जिसको लेकर दोबारा जनमानस में हैरत भरी कार्यवाही के अंजाम और नाकाम रहस्य पर टकटकी लगी नजर आती है।
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