जौनपुर। पिता के हमले से घायल पुत्र 17 दिनों तक अस्पताल में जिंदगी के लिए जूझने के बाद मौत से हार गया। घटना को अंजाम देने के बाद खुद सूचना देकर भागे आरोपित पिता को पुलिस अब तक नहीं पकड़ सकी है। बताते है कि महराजगंज थाना क्षेत्र के दुगौली गांव के राम आसरे गुप्त के पांच बेटों में मृत गोकुल तीसरे नंबर पर था। दो बेटे सपरिवार घर रहकर आजीविका चलाते हैं। राम आसरे की पत्नी रीता देवी का तीन वर्ष पूर्व देहांत हो गया था। तभी से राम आसरे कभी बड़े बेटे के पास तो कभी घर पर रहते थे। गोकुल बीए, बीटीसी शिक्षित था।
राम आसरे ने पत्नी के देहांत के बाद जो पैसा था, उसे गोकुल के खाते में जमा किया था। इसी को मांगने पर 16 जून को कहासुनी हो गई थी। दूसरे दिन सुबह राम आसरे ने कमरे का दरवाजा खोलते ही पहले बहू कोमल फिर गोकुल को हैंडपंप के हत्थे से प्रहार कर मरणासन्न कर दिया था। कोमल तो बच गई लेकिन गोकुल ने घटना के 17 दिन बाद बीएचयू ट्रामा सेंटर में दम तोड़ दिया।

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